Thursday, December 30, 2010

HAPPY NEW YEAR

 ए खुदा ये साल सबको तू अता कर इस तरह 
 नूर चेहरे  पर  सलामत  ज़िन्दगी  पुरनूर  हो 
                                   
                            साहिल इटावी 
  

Monday, December 20, 2010

जज़्बात

किसी मज़लूम के मुँह  का निवाला छीन मत लेना,
जो निकली आह तो तेरा मुक़ददर भी बदल देगी
सबक इसका तुझे मिल जायेगा इक दिन यक़ीनन 
तड़पती ज़िन्दगी जब फिर तेरा चेहरा बदल देगी

Thursday, December 9, 2010

उम्मीद


जज़्बात बेख़ुदी की  तरफ क्या करूँ नज़र
अपनी ही ज़िन्दगी से हुआ जब  मैं  बेखबर 
बंदिश  कभी न थी, न अब भी है साहिल
लम्बा है क्या हुआ है करना है तय सफ़र

Thursday, November 25, 2010

Nassha

यूँ तो किस्मत ने बहुत साथ दिया था उनका
फिर भी अफ़सोस उन्हें ज़िन्दगी न रास आयी

Friday, November 5, 2010

एहसास


ज़ंजीर तोड़ना मेरी फितरत नहीं मगर 
अब वक़्त आ गया है कि ज़जीर तोड़ दूँ | 

Tuesday, September 28, 2010



नफरतों को न हवा दो ये चमन है मेरा |
जान कुर्बान है इस पर ये वतन है मेरा ||
यूँ तो बांटा है आदमी ने इस शहर को बहुत |
इसको  न बांटना ए दौर ये कलम है मेरा ||

Thursday, August 5, 2010

:: गज़ल ::

है फिज़ूल सारी वह तोहमतें, मेरा यार यारों का यार है
याद उसकी दिल का सुकून है और दीद दिल का क़रार है

तेरा काम औरों से है अलग, तेरी शान औरों से है जुदा
तेरा नाम सबसे है आला-तर, तेरी जुस्तुजू में बहार है

जो अता किया  कम नहीं, जो मिल सका उसका ग़म नहीं
ये बड़े नसीब की बात है, मेरा नाम उसमें शुमार है

है ये तेरे इश्क  की इब्तिदा, जैसे पास कोई हो  मैक़दा
न उतर सका जो आज तक, चढ़ा ऐसा मुझको ख़ुमार है

ऐ चमन को फूंकने वालों तुम, कहीं न हो जाओ हवा में गुम
ये मेरे  सबर  की  है  इंतिहा ,  न यह  फूट जाए गुबार है 

ये हैं उनके अपने ही मशविरे, कोई कैसे इन पे  अमल करे
उनका सोच उनका जुनून है, मेरा सोच मेरा वक़ार है

जो कभी थे वक़्त  के शहंशाह, है न आज उनका कोई पता
न कहीं हैं उनकी वह अस्थियाँ, न कहीं पे उनका मज़ार है


-- साहिल इटावी