Thursday, November 25, 2010

Nassha

यूँ तो किस्मत ने बहुत साथ दिया था उनका
फिर भी अफ़सोस उन्हें ज़िन्दगी न रास आयी

Friday, November 5, 2010

एहसास


ज़ंजीर तोड़ना मेरी फितरत नहीं मगर 
अब वक़्त आ गया है कि ज़जीर तोड़ दूँ |